नेशनल डेस्क। प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने पंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़े को मान्यता देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 13 अखाड़े की विधि मान्य है और इसके अलावा कोई भी अखाड़ा न गठित हुआ है और ना ही मान्यता दी गई है।
महाकुंभ मेले से पहले यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि गुरुदत्त अखाड़े के गठन पर विवाद था। महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर रहे गोल्डन बाबा के शिष्य आदित्यानंद की ओर से किसी अखाड़े की बात की जा रही है, जो भ्रामक है।
इस फैसले के बाद महाकुंभ मेले में विवाद की संभावना बढ़ गई है। गुरुदत्त अखाड़े के समर्थकों ने अखाड़ा परिषद के फैसले का विरोध किया है और कहा है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
महाकुंभ मेले में अखाड़ों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और इस फैसले से मेले की शांति भंग हो सकती है। प्रशासन ने भी इस मामले में सावधानी बरतने की अपील की है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि वे महाकुंभ मेले की शांति और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी विवाद को नहीं होने देंगे।