नेशनल डेस्क। शाजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र में 13 अगस्त को युवक का क्षत विक्षत शव खेत में मिला था। उस वक्त उसके पिता गुजरात में थे। आरोपियों ने मृतक की मां को गुमराह का शव को दफना करा दिया। जब पिता गुजरात से लौटे तो घटना की तस्वीरें देख दंग रह गए।
शाहजहांपुर में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ढाई महीने बाद युवक का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के पिता ने एक युवती समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
खुदागंज थाना क्षेत्र के जैतीपुर गांव के रहने वाले इलियास बेग ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे मोनिस बेग (22) का गांव की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसका पिता रहीस बेग इस पर एतराज जताता था। दस अगस्त को सुबह छह बजे युवती से पिता और भाइयों ने मोनिस को कॉल कराया और कहा कि प्रेस लेकर आ जाओ।
आरोपियों ने दफन कराया था शव
मोनिस प्रेस लेकर घर से निकला। रहीस बेग, उसका बेटा इदरीश, नफीस, शकील मोनिस को अपने साथ लेकर चले गए। इसके बाद उनका बेटा नहीं लौटा। तीसरे दिन उसके बेटे का शव क्षतविक्षत हालत में खेत में मिला। इलियास के मुताबिक, आरोपियों ने आगे आकर पुलिस से शव ले लिया और पत्नी रुकैया बेगम को गुमराह कर शव को दफन करा दिया।
घटना के समय गुजरात में था पिता
उस समय वह गुजरात के अहमदाबाद में मजदूरी करने गया हुआ था। जब वह घर आया तो उसने शव के फोटो देखे। उसे जानकारी हुई कि चाकू और भाले से मोनिस की हत्या की गई है। उसकी आंखे भी फोड़ दी गईं हैं। मोनिस का टूटा हुआ मोबाइल आरोपियों ने उसकी पत्नी को दिया था।
आरोपी रहीस के तीनों बेटों ने पत्नी को धमकाया कि अगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो अंजाम बहुत बुरा होगा। वहीं, बचने के लिए आरोपी रहीस उमरा करने मक्का चला गया। पुलिस के कार्रवाई न करने पर इलियास ने कोर्ट की शरण ली।
13 अक्तूबर को दर्ज हुई रिपोर्ट
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 13 अक्तूबर को युवती, उसके पिता और तीन भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। शनिवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीओ तिलहर अमित चौरसिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।