प्रयागराज, चीफ एडिटर। पूर्व विधि एवं न्याय मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि मथुरा में श्रीकृष्ण और काशी में विश्वनाथ मंदिर बनना ही चाहिए। अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से रविवार को अशोक सिंहल की स्मृति में जिला पंचायत सभागार में आयोजित व्याख्यानमाला में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और राष्ट्रीय पुनर्जागरण’ विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि वैसे तो मुस्लिम आक्रांताओं ने पूरे देश में 40 हजार मंदिरों को तोड़ा। कई मंदिरों को दो-तीन बार तोड़ा गया लेकिन अयोध्या, काशी और मथुरा के मंदिर बन जाए तो शेष 40 हजार मंदिरों के लिए कोई आग्रह करने की जरूरत नहीं है।
ये तीन जगह को छोड़ना नहीं है। काशी में औरंगजेब ने तीसरी बार काशी विश्वनाथ मंदिर तोड़ा तो फरमान दिया कि वहीं मस्जिद बनेगा क्योंकि उसके बाद किसी की मंदिर बनाने की हिम्मत नहीं होगी। मैं कहता हूं जहां शिव भगवान ज्योर्तिलिंग लेकर खड़े हुए वहां कुछ और नहीं हो सकता। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि काशी में भी मंदिर बनाकर छोड़ेंगे, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। इसी तरह कृष्ण जन्मभूमि हमारी आस्था है इसको कोई चुनौती नहीं दे सकता। यहां कृष्ण जन्मभूमि मंदिर बनानी चाहिए। वहां कृष्ण भगवान उपस्थित हैं, इस विश्वास के साथ बनाएंगे।
उन्होंने रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की पुरजोर वकालत की। राष्ट्रीय धरोहर बनाएंगे तो देखभाल हो सकेगी। इसके लिए हिम्मत और दृढ़संकल्प होना चाहिए। राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने में अनेक रुकावट आ रही है। हम हिन्दुत्व की बात तो करते हैं लेकिन हिन्दुत्व के लिए जो निष्ठा होनी चाहिए वो बहुत कम दिखती है। भाजपा सरकार में उत्तराखंड में 102 मंदिरों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। भाजपा सरकार ने ही महाराष्ट्र में विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर का राष्ट्रीयकरण कर दिया है। यह भाजपा का नहीं राष्ट्र का विषय है, राजनीति में क्या विषय हैं कि लोग विवश हो जाते हैं।