रवि गुप्ता, चीफ एडिटर
प्रयागराज। यूपी बोर्ड कक्षा नौ और दस की तरह कक्षा 11 और 12 में भी आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) 2023 की सिफारिशों के अनुरूप 20 से 25 प्रतिशत का आंतरिक मूल्यांकन लागू करने पर सहमति बनी है। शासन की अनुमति के बाद यह तय होगा कि आंतरिक मूल्यांकन 20 अंकों का हो या 25 का। बोर्ड की ओर सीमैट एलनगंज में आयोजित दो दिनी कार्यशाला के समापन पर कक्षा 11 और 12 में बदलाव पर चर्चा हुई।
बोर्ड ने 2011-12 शैक्षणिक सत्र से ही कक्षा नौ व 10 में 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन लागू किया था। अगले सत्र से कक्षा 11 और उसके अगले सत्र से 12वीं में यह बदलाव करने की तैयारी है। ऐसा होने पर 2027 की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में प्रत्येक विषय का 80 या 75 नंबर का प्रश्नपत्र होगा। इसके अलावा कक्षा 11 व 12 में भी हाईस्कूल की तरह ग्रेडिंग व्यवस्था लागू करने पर चर्चा हुई। यूपी बोर्ड वर्तमान में हाईस्कूल के परीक्षार्थियों का परिणाम (पास या फेल) देता है डिविजन नहीं।
उसी व्यवस्था को इंटर में लागू करने पर सहमति बनी है। बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए निर्धारित गाइडलाइन के क्रियान्वयन पर भी विमर्श हुआ। जैसे एक परीक्षक को एक दिन में इंटर की 50 कॉपियां ही दी जाएं ताकि गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। कार्यशाला में सीबीएसई के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली, यूपी बोर्ड के पूर्व सचिव पवनेश कुमार, वर्तमान सचिव भगवती सिंह, अपर सचिव पाठ्यपुस्तक सत्येन्द्र सिंह, अपर सचिव प्रशासन सरदार सिंह आदि मौजूद रहे।