नेशनल डेस्क। मेरठ के कंकरखेड़ा में आर्म्ड यूनिट में तैनात सिपाही सोमबीर पूनिया की तीन वर्ष की मासूम बच्ची वर्तिका को लांस नायक नरेश कार में ले गया। आरोपी बच्ची को कार में छोड़कर अपनी यूनिट में चला गया। करीब चार घंटे कार में बंद रही बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई। घटना 30 अक्तूबर की है। पुलिस ने आरोपी लांस नायक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की कार को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।पूछताछ के बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
परिजन ने इस मामले में मंगलवार को थाने पहुंचकर लांस नायक नरेश पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। हरियाणा के जींद जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित निडानी गांव निवासी सोमबीर पूनिया आर्मी में सिपाही हैं और मेरठ में आर्म्ड यूनिट में चार साल से तैनात हैं। उनकी दो बेटियों में बड़ी बेटी तीन वर्षीय वर्तिका थी।
घर के बाहर खेल रही थी बच्ची, कार में ले गया लांस नायक
मेरठ के फाजलपुर में राजेश एनक्लेव आर्मी कॉलोनी में रहने वाले सोमबीर मंगलवार को थाने पहुंचे। सोमबीर ने बताया कि 30 अक्तूबर को उनकी बेटी वर्तिका घर के बाहर खेल रही थी। तभी क्वार्टर के ऊपर रहने वाला लांस नायक हिमाचल प्रदेश निवासी नरेश उनकी बेटी वर्तिका को बैलेनो कार में घुमाने के लिए ले जाने लगा।
सैन्यकर्मी की पत्नी रितु ने बेटी को ले जाने से मना किया। इसके बावजूद आरोपी बच्ची को कार में बैठाकर ले गया। आरोपी बच्ची को लेकर रोहटा रोड पर पहुंचा। जहां उसने बच्ची को कार में छोड़ दिया और कार लॉक कर चला गया। कार में बंद रहने के कारण दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने कार से बच्ची का शव बरामद किया।
19 नवंबर का को था जन्मदिन, छीन लीं खुशियां
पीड़ित पिता ने बताया कि वर्तिका का 19 नवंबर को जन्मदिन था। बेटी के जन्मदिन के लिए वह तैयारी कर रहे थे। दिवाली से पूर्व हुई बेटी की मौत ने उनके परिवार की खुशियां छीन लीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है, सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तेज धूप में खड़ी कार में बनती हैं जानलेवा गैसें
-सीएफओ संतोष राय के मुताबिक कारों में लगे डैश बोर्ड, सीट कवर, मैट, छत, हैंडल व एयर फ्रेशनर में कई केमिकल के साथ बेंजीन गैस मौजूद होती है। जब बहुत देर धूप में खड़ी कार का गेट खोलकर चालक अंदर बैठता है तो प्लास्टिक के साथ कुछ दूसरे अलग केमिकल की दुर्गंध महसूस होती है।
-इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही दुर्गंध संकेत देती है कि एसी ऑन करने से पहले खिड़की के शीशे उतार दें। बेंजीन बेहद खतरनाक हाइड्रोकार्बन है, जो शरीर के लिए घातक है।
-धूप में खड़ी कार में पॉलिस से ओजोन, हाइड्रोजन डाइआक्साइड व कार्बन डाइआक्साइड जैसी खतरनाक गैसों का उत्सर्जन होता रहता है। इससे दम घुटने लगता है और इंसान की मौत हो जाती है।
-इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को किसी वाहन के पास भेजते समय ध्यान रखना चाहिए