संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद के सर्वे पर बवाल हो गया। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अधिकारी और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि संभल शहर की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए दाखिल वाद के आधार पर सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर की टीम पहुंची थी। लेकिन रविवार सुबह अचानक टीम के आने पर जुटी भीड़ मस्जिद में दाखिल होने कोशिश करने लगी। रोकने पर पुलिस पर पथराव कर दिया गया और हिंसक हुई भीड़ ने सीओ की गाड़ी समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी और आग लगा दी।
इसी बीच फायरिंग भी शुरू हो गई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। बवाल में घिरकर पांच लोगों की मौत हो गई। कई अधिकारियों समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं। जिनमें एसपी के पीआरओ को गोली लगी है, डिप्टी कलेक्टर का पैर टूट गया है, डीआईजी, डीएम और एसपी भी घायल हुए हैं।
घटना के बाद संभल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। संभल में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और शहर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
संभल में मस्जिद के सर्वे पर हिंसा भड़क उठी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और कई अधिकारी घायल हुए हैं। मृतकों में मोहल्ला कोट तवेला निवासी नईम (35), फतेहऊनला सराय निवासी विलाल (22), संभल के हयातनगर निवासी रोमान (40), तुर्तीपुर इला निवासी कैफ (19) और कोट गर्दी निवासी अयान (19) शामिल हैं।
हिंसा के शिकार युवकों के परिजनों ने पुलिस की गोली से मौत होने की बात कही है, जबकि पुलिस ने दावा किया है कि तीन युवकों में दो की मौत गोली लगने से हुई है, लेकिन पुलिस ने गोली नहीं चलाई थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठी का प्रयोग किया था¹।
कमिश्नर आंजनेय सिंह ने बताया कि सर्वे का काम शांतिपूर्वक चल रहा था, लेकिन अचानक लोगों का एक समूह वहां जमा हुआ और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने इलाके को खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।
संभल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। दो महिलाओं समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।