103वें वर्ष की रामलीला मंचन बामपुर: सीताहरण की लीला देख भावुक हुए दर्शक,
प्रयागराज। मांडा ब्लॉक क्षेत्र के बामपुर गांव में 103 वर्ष से चली आ रही रामलीला का मंचन जारी है। मंगलवर की रात सीता हरण की रामलीला का मंचन दर्शकों ने खूब सराहा। रामलीला में श्रीराम अत्रि और अनसूया के आश्रम से होते हुए दण्डकारण्य पहुंचे और साधु-संतों की अस्थि समूह को देख कर उन्होंने निश्चर का नाश करने का संकल्प लिया। पूरा पांडाल जय श्री राम के जयकारे से गूंज उठा। पंचवटी में सूपर्णखा राक्षसी ने सीता पर हमला करने का प्रयास किया और लक्ष्मण ने उसके नाक कान काट दिए। खर-दूषण राक्षस का श्रीराम ने संघार किया। स्वर्ण रूपी मारीच हिरण को भेज कर लंका पति रावण ने राम-लक्ष्मण को पर्णकुटी से दूर कर दिया और छल करते हुए सीता माता का हरण कर लिया। गीधराज जटायु माता सीता को बचाने में रावण के हाथों वीरगति को प्राप्त हुआ। पर्ण कुटी में सीता को न पाकर प्रभु श्रीराम व्याकुल होकर विलाप करने लगे और दर्शक भावुक हो गए। कमेटी के पदाधिकारी हरि कुअंर तिवारी, विनीत तिवारी, अधिवक्ता जयकांत तिवारी, कड़ेकांत तिवारी और अशोक पांडेय ने रामलीला मंचन में सहयोग किया। कलाकार लवकुश तिवारी, संजय, दिलीप, विशाल, कुनाल, कृष्णा, राजू पांडेय, काजू पांडेय, रामू तिवारी, सुजीत, मनीष और ओमप्रकाश के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।