प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें एक प्रेमी जोड़े की शादी के प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच करने का आदेश दिया गया है। प्रयागराज निवासी शिवानी केसरवानी और उनके प्रेमी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उन्होंने दावा किया था कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी की है।
हालांकि, आर्य समाज चौक प्रयागराज के अध्यक्ष, सचिव और पुरोहित ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने जोड़े की शादी नहीं कराई है और न ही विवाह प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किया है। इस पर कोर्ट ने एसएचओ कोतवाली प्रयागराज को जोड़े से पूछताछ कर सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने एसएचओ को यह भी निर्देश दिया है कि वे जांच करें कि शादी किसने कराई, विवाह प्रमाणपत्र किस संस्था ने दिया, और जिस पुरोहित ने शादी कराई, उसकी पूरी जानकारी इकट्ठा करें। यदि जोड़ा जांच में सहयोग नहीं करता है, तो उन्हें अगली सुनवाई पर अदालत में पेश किया जाएगा। अगली सुनवाई की तिथि 16 अक्तूबर तय की गई है।