प्रयागराज। करवा चौथ, सुहागिन महिलाओं का महत्वपूर्ण पर्व, इस साल 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, और इसका उद्देश्य अखंड सौभाग्य की कामना करना है।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
ज्योतिषाचार्य सुनील पांडेय के अनुसार, करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:50 से 7:28 तक है। इस दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करेंगी।
चंद्रोदय का समय:
चंद्रोदय का समय रात 8:18 बजे है, जिस समय महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करेंगी।
पूजा विधि:
करवा चौथ की पूजा विधि में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा की जाती है। महिलाएं चौकी पर शुद्ध और कच्ची पीली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाकर लाल कपड़े पर स्थापित करती हैं। इसके बाद, माता पार्वती को लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी व सुहाग का सभी सामान अर्पित किया जाता है।
राशि के अनुसार शृंगार:
ज्योतिषाचार्य राकेश त्रिपाठी के अनुसार, करवा चौथ के दिन राशि के अनुसार शृंगार करना भी शुभ माना जाता है। अलग-अलग राशियों के लिए अलग-अलग रंगों के परिधान और आभूषण धारण करना शुभ होता है।
करवा चौथ की कहानी:
करवा चौथ की कहानी महिलाएं पढ़ती हैं और आरती करती हैं। इसके बाद, घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया जाता है। चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।