शादी ब्याह के मौसम में 15 के बजाय 100 से 120 किलोमीटर का तय करना होगा सफर,,,,,
बीस लाख का टेंडर, लेकिन डेढ़ किलोमीटर लंबे रेतीले पाट पर नहीं बन सका एप्रोच मार्ग, बाइक घसीट रहे लोग,,,,,,,
रवि गुप्ता, चीफ एडिटर
प्रयागराज। महाकुंभ की भेंट चढ़ गया मदरा टेला एवं लक्तहा का पांटून पुल। सिरसा फेरी घाट पांटून पुल पर भी असमंजस का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि पहले महाकुंभ में जितने पीपे के पुल बनने है, वह बन जाएंगे तब देखा जाएगा। अगर पीपे बचे होंगे तो सिरसा फेरी घाट का पुल बनेगा, अन्यथा यह पुल भी नहीं बनेगा। मेजा में पांटून पुल न होने के कारण इलाके के लोगों को गंगा आर पार करने के लिए 15 किलोमीटर की बजाय 100 से 120 किलोमीटर की दूरी का सफर तय करना पड़ेगा। इसको लेकर लोग चिंता में पड़ गए हैं।
आपको बता दे कि इस बार प्रयाग स्थित संगम की रेती पर महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर संगम क्षेत्र में ही 30 पीपे के पांटून पुल बनाए जा रहे हैं। पीपे की कमी के कारण पहले ही मदरा टेला घाट एवं लक्तहा का पीपा पुल का निर्माण नहीं होगा। अवर अभियंता अमरेश चंद का कहना है कि मदरा टेला पांटून पुल पीपे की कमी के कारण नहीं बनेगा। सिरसा पांटून पुल को लेकर भी अधिकारियों में असमंजस का माहौल है। सिरसा फेरी घाट पीपा पुल के अवर अभियंता पंकज कुमार का कहना है कि पीपा मरम्मत का कार्य चल रहा है। मांडा की तरफ से पीपों को इसी रास्ते संगम क्षेत्र तक पहुंचा जा रहा है। पहले महाकुंभ को लेकर सभी पांटून पुल बन जाएंगे उसके बाद अगर पीपे बचे रहेंगे तो सिरसा फेरी घाट का पांटून पुल बनाया जाएगा।
लगन में प्रभावित होंगे शादी ब्याह के कार्यक्रम, रद्द होगे वैवाहिक समारोह,,,,,,
मदरा टेला एवं लक्तहा पांटून पुल के बाद अब सिरसा फेरी घाट के न बनने की खबर को लेकर गंगा आर पार करने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। खास करके जिन लोगों के यहां वैवाहिक कार्यक्रम है, उनको अभी से चिंता हो गई है। शादी ब्याह के मौसम में 15 किलोमीटर की दूरी तय कर लोग वैवाहिक कार्यक्रमो में शामिल हो जाते थे। लेकिन अब 15 किलोमीटर की जगह 100 से 120 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ेगा। जिसको लेकर लोग अभी से कतरा रहे है। अगर निश्चित रूप से सिरसा फेरी घाट का पुल भी कैंसिल हुआ तो कई वैवाहिक कार्यक्रम रद्द होंगे। जिनका व्यापार पर भी बुरा असर पड़ेगा।
बीस लाख का टेंडर लेकिन अभी तक नहीं बना एप्रोच मार्ग, डेढ़ किलोमीटर पैदल जा रहे लोग,,,,,,,
आपको बता दे की पांटून पुल के बंद हो जाने के बाद गंगा आर पार करने के लिए निशुल्क स्टीमर की व्यवस्था कराई जाती है। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग द्वारा 20 लाख रुपए का टेंडर दिया गया है। सिरसा फेरी घाट पर स्टीमर तो चलाया जा रहा है, लेकिन डेढ़ किलोमीटर लंबे रेतीले पाट पर एप्रोच मार्ग नहीं बनाया गया है। ऐसे में गंगा आर पार आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास करके दो पहिया वाहन वाले राजगीरों को तो खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें डेढ़ किलोमीटर लंबे रेतीले पाट पर अपने दो पहिया वाहन को पैदल ही घसीट कर ले जाना पड़ रहा है। इस संबंध में अवर अभियंता पंकज कुमार का कहना है कि अभी एक माह पहले ही टेंडर स्वीकृत हुआ है। जल्द ही एप्रोच मार्ग बनवा दिया जाएगा। उधर एप्रोच मार्ग न होने के कारण गंगा आर पार करने वाले लोगों में गहरा आक्रोश है। किसी भी दिन यह आक्रोश फूट सकता है।