प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के भडेवरा में हुए सड़क हादसे में मृत किशोर का शव जब पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। घरवालों सहित परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। सिरसा स्थित छतवा गंगा घाट पर किया गया अंतिम संस्कार।
मेजा थाना क्षेत्र के भड़ेवरा गांव के सामने प्रयागराज मिर्जापुर राजमार्ग पर गुरुवार की रात लगभग सवा दस बजे दो बाइकों की आपस मे भिड़ंत हो गई। जिससे दोनों बाइक सवार सड़क पर छिटक कर सड़क पर गिर गए। उसी दौरान मिर्जापुर की ओर से तेज रफ्तार आ रही एक ट्रक बाइक सवारों को कुचलते हुए निकल गई। जिससे बाइक सवार किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और दूसरे बाइक पर सवार दो युवक बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पीआरवी पुलिस ने आनन फानन में एम्बुलेंस बुलाकर सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जहां पर दोनों घायलों की हालत बिगड़ती देख अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
गुरुवार की रात करीब 10 बजे बिसहिजन खुर्द निवासी 16 वर्षीय अश्वनी कुमार पुत्र बंशीलाल बिंद किसी कार्य से बाइक पर सवार होकर मांडा की ओर जा रहा था। जैसे ही वह भड़ेवरा गांव के सामने पहुंचा मेजारोड की ओर से जा रही एक बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों बाइक पर सवार चार लोग सड़क पर गिर गए। सड़क पर गिरते ही बाइक सवार अश्वनी कुमार बिंद और उसके साथ रहे 17 वर्षीय अमन कुमार बिंद पुत्र धर्मेन्द्र कुमार बिंद मिर्जापुर की ओर से आ रही एक ट्रक की चपेट में आ गए। ट्रक बाइक सवार अश्वनी कुमार बिंद और अमन कुमार बिंद को कुचल दिया।
वहीं हादसे में घायल अमन कुमार बिंद को इलाज के लिए उसके घरवाले किसी निजी अस्पताल ले गए। दूसरे बाइक सवार 40 वर्षीय विवेक मिश्र पुत्र स्व. अखिलेश मिश्र और 34 वर्षीय श्रीनारायण तिवारी पुत्र कृपा शंकर तिवारी निवासी हंडिया मांडा बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें पुलिस टीम ने आनन फानन में एम्बुलेंस बुलाकर सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जहां पर दूसरे बाइक के दोनों घायलों की इलाज के दौरान हालत बिगड़ती देख अस्पताल के डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसे से नाराज पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने दिवंगत बाइक सवार का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। जिन्हें मेजा पुलिस टीम के साथ रहे थानाध्यक्ष ने समझा बुझाकर शांत कराया और शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए शहर भेज दिया था।
शुक्रवार की शाम जब दिवंगत अश्वनी कुमार बिंद का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। वह अपनी माता पिता की मां की इकलौती संतान था। मां की मौत के बात पिता की हुए विवाह से उसके एक भाई और एक बहन थी। भाई की मौत के बाद छोटे भाई बहन और पिता सहित परिजनों का रोते बिलखते बुरा हाल हो रहा था। देर शाम दिवंगत के शव का अंतिम संस्कार सिरसा के छतवा गंगा घाट पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में कर दिया गया।