मथुरा। जिले में एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने हत्या की झूठी कहानी बनाई और आठ लोगों को नामजद कर दिया। लेकिन पुलिस ने जांच की और सच्चाई उजागर हुई।
मृतक युवक श्रीपाल की मौत 2 अगस्त को हुई थी। परिजनों ने बताया कि उसकी हत्या नगला कलावती के रहने वाले लाला उर्फ अनिल, मुकेश, ओमी, राधे, बिल्लू, दिनेश, हरीशा, गुड्डा ने गले में फंदा लगाकर की थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन जांच में पता चला कि युवक की मौत बीमारी से हुई थी।
पुलिस ने चार लोगों – राजपाल, राजेश, दिलीप और प्रवीन को गिरफ्तार किया है और दो रिश्तेदारों की तलाश जारी है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, बीमारी से संबंधित कागजात, डॉक्टरों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया और सच्चाई उजागर हुई।
परिजनों ने एंबुलेंस में युवक के गले में गमछे से निशान बनाया था ताकि पुलिस को लगे कि रस्सी से गला दबाकर हत्या की है। पुलिस ने एक सैकड़ा से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मामले का खुलासा हुआ।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस के इस खुलासे से लोगों में संदेश जाएगा कि कोई पुलिस को गुमराह नहीं कर सकता है। कुछ समय के लिए जांच प्रभावित जरूर हो जाती है लेकिन अंत में पुलिस सच्चाई खोज लेती है और गुमराह करने वाले को सजा मिलती है।