लखनऊ । उत्तर प्रदेश के 1.40 लाख शिक्षामित्रों, 25 हजार अनुदेशकों और रसोइयों को दीपावली से पहले मानदेय वृद्धि का तोहफा मिल सकता है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के साथ विभिन्न संगठनों की बैठक में इस पर सकारात्मक सहमति बनी है, जिससे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
बैठक में शिक्षामित्र संगठनों ने मूल विद्यालय वापसी, मेडिकल सुविधा और मृत शिक्षामित्रों के परिजनों के समायोजन की मांग की। मंत्री ने कहा कि जल्द ही इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा और मूल विद्यालय में वापसी पर निर्णय जल्द लिया जाएगा।
इसके अलावा, मृत शिक्षामित्रों के परिजनों को आंगनबाड़ी में समायोजित करने पर भी विचार किया जाएगा। शिक्षामित्रों को 12 माह का मानदेय देने और शिक्षक की योग्यता पूरी करने वाले शिक्षामित्रों को अतिरिक्त छूट देने की मांग पर भी चर्चा हुई।
परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने, 12 माह का मानदेय, नवीनीकरण के नाम पर शोषण रोकने, अनुदेशकों के तबादले और सीएल व सीसीएल देने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा एमकेएस सुंदरम, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा और निदेशक बेसिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल भी शामिल हुए। यह खबर शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।