प्रयागराज। मांडा ब्लॉक के बदौआ गांव में ग्राम पंचायत निधि का दुरुपयोग उजागर हुआ है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लाखों रुपये हैंडपंप मरम्मतीकरण और अन्य कार्यों के नाम पर खर्च किए गए, लेकिन ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान और सचिव की मिलीभगत से ग्राम निधि का दुरुपयोग किया गया है। वित्तीय वर्ष 24-25 में हैंडपंप मरम्मतीकरण और दो हैंडपंप रिबोर के नाम पर करीब 3.60 लाख रुपये ग्राम निधि से निकाल लिए गए। इसके विपरीत, गांव में लगे हैंडपंप का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की समस्या के कारण उन्हें खुद के पैसे खर्च कर हैंडपंप का मरम्मत कराना पड़ा। इसके अलावा, स्टेशनरी के नाम पर पांच हजार रुपये और निविदा के नाम पर 25 सौ रुपये की जगह 4500 रुपये खर्च किए गए।
गांव के राम उजागिर और पुष्पराज के घर के पास हैंडपंप रिबोर के नाम पर 1.82 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह, हैंडपंप मरम्मत के नाम 1.78 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा, बैनर पोस्टर के नाम पर 17500 रुपये और सफाई किट के नाम पर 19800 रुपये की निकासी की गई। फोटो कैमरा खरीदने के नाम पर 19500 रुपये निकाले गए।
ग्रामीणों ने डीएम से लेकर सीएम तक को शिकायती पत्र भेजकर वित्तीय अनियमितता की जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जांच नहीं होती है, तो वे आंदोलन करेंगे।
इस मामले में बीडीओ मांडा अमित मिश्र ने कहा की वित्तीय अनियमितता की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।