प्रयागराज। मांडा ब्लॉक में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां बीईओ ने गैरहाजिर मिले शिक्षकों का वेतन रोकने की संस्तुति करने के बजाए शिक्षा विभाग के एक वाट्सएप ग्रुप पर नोटिस जारी की है। बीईओ ने गैरहाजिर मिले शिक्षकों से स्पष्टीकरण की मांग की है। यह घटना 19 और 21 नवंबर को हुई, जब खंड शिक्षा अधिकारी राजीव रंजन ने चार परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया और कई शिक्षकों को गैरहाजिर पाया। नवाचार की यह प्रक्रिया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बीएसए ने इस कार्यवाई को गलत बताया है।
निरीक्षण के दौरान पीएस महुआंव कला के शिक्षक रामभवन पाल, शिक्षामित्र सुनीता पाल और चन्द्रा श्रीवास्तव, यूपीएस महुआरी कला की प्रधानाधायापक शिल्पा यादव और पीएस भरारी द्विताय की शिक्षक नीलू राय और शिक्षामित्र सुधा पांडेय शामिल हैं। इसके अलावा, पीएस कोसड़ा कला के शिक्षक उमेन्द्र कुमार भी गैरहाजिर मिले।
बीईओ राजीव रंजन ने इन शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग के एक वाट्सएप ग्रुप में नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई शिक्षकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में गैरहाजिर मिले शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई मानव संम्पदा पोर्टल पर की जाती है और आलाधिकारियों को सूचित किया जाता है। जिसके बाद बीएसए कार्यालय से गैरहाजिर मिलने वाले शिक्षकों के खिलाफ नोटिस जारी होती है और स्पष्टीकरण मांगा जाता है। बहरहाल नवागत बीईओ राजीव रंजन ने कार्रवाई करने से पहले नोटिस जारी कर दिया और शिक्षकों के वाट्सएप ग्रुप में भेज दिया। नवाचार कार्रवाई को लेकर बीईओ की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा वयाप्त है।
मामले में बीएसए प्रयागराज प्रवीण तिवारी ने कहा है कि यह कार्रवाई गलत है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।