प्रयागराज। महाकुंभ में इस बार चार नए रिकॉर्ड बनाए जाएंगे, जिन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाएगा। मेला प्रशासन दुनिया को हरित एवं स्वच्छ महाकुंभ का संदेश देगा। इसके लिए मेला अधिकारियों ने विशेष तैयारियां की हैं।
महाकुंभ मेला की शीर्ष समिति की 11वीं बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सर्वोत्तम सुविधाएं देने और संगम क्षेत्र व घाटों को स्वच्छ और सुंदर बनाने को कहा।
चार नए रिकॉर्ड बनाने की योजना है:
एक हजार ई-रिक्शों की परेड निकाली जाएगी, जो एक रिकॉर्ड होगा।
एक साथ 15 हजार लोग घाटों की सफाई का रिकॉर्ड बनाएंगे।
300 लोग एक साथ नदी की सफाई करेंगे, जो एक रिकॉर्ड होगा।
गंगा पंडाल व मेला क्षेत्र में 8 घंटे में 10 हजार लोग हैंड प्रिंटिंग का रिकॉर्ड बनाएंगे।
इसके अलावा, मेला प्रशासन ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
रैना मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 2.81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
अस्थायी वेयर हाउस व चहारदीवारी के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
शास्त्री ब्रिज से संगम नोज तक सरकुलेटिंग एरिया की वृद्धि के लिए 19.57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
3200 अतिरिक्त सफाई मजदूरों को 90 दिनों के लिए आउटसोर्सिंग पर रखा जाएगा।
शास्त्री पुल एवं फाफामऊ पुल पर वर्टिकल गार्डन बनाया जाएगा, जिसके लिए 3.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
यमुना रिवरफ्रंट के विकास के लिए 4.97 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
कल्पवासियों-श्रद्धालुओं को शासन से निर्धारित मूल्य पर खाद्यान्न, चीनी एवं रसोई गैस दी जाएगी।
आईआईटी कानपुर को महाकुंभ का समग्र मूल्यांकन करने के लिए 95.32 लाख रुपये मंजूर किए गए। आईआईटी की टीम पुलिस सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं के आवागमन के अनुभवों का शोध कर रिपोर्ट देगी।