नेशनल डेस्क। कोविड की तरह जल्द ही रैपिड किट से मुंह के कैंसर की पहचान हो सकेगी। अनुवाद स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों ने रैपिड किट तैयार की है। किट में मौजूद तत्व लार में मौजूद ट्यूमर के अंश से प्रोटीन में होने वाले बदलाव को पकड़ता है।
*किट की विशेषताएं:*
मुंह के कैंसर की पहचान के लिए रैपिड किट तैयार।
किट लार में मौजूद ट्यूमर के अंश से प्रोटीन में बदलाव को पकड़ता है।
किट का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है।
मुंह के कैंसर के लिए सबसे बड़ी वजह तंबाकू सहित अन्य का सेवन।
हर साल 1.5 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं।
*विशेषज्ञों की राय:*
डॉ. जयंती कुमारी ने बताया, “मौजूदा समय में मानवीय रूप से मुंह को देखकर आकलन किया जाता है, इसमें 50 से 60 फीसदी की सटीकता होती है। वहीं किट की मदद से जांच करने पर 90 फीसदी की सटीकता मिल रही है।”
डॉ. फरहत मंटू ने कहा, “इलाज को बेहतर बनाने के साथ चिकित्सा सुविधा में सुधार की जरूरत है। इसके लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।”
*मुंह के कैंसर के बारे में जानकारी:*
मुंह के कैंसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
हर साल 1.5 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं।
इनमें 70 फीसदी मामले पुरुषों में देखे जाते हैं।
मुंह के कैंसर के लिए सबसे बड़ी वजह तंबाकू सहित अन्य का सेवन है।