हाथरस। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक गोदाम में बड़ी संख्या में बंदरों की मौत हो गई। घटना के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि गेहूं को कीड़े लगने से बचाने के लिए एक रसायन का उपयोग किया गया था, जिसके कारण बंदरों की मौत हुई।
एफसीआई के अधिकारियों ने बताया कि गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए नौ नवंबर को एल्यूमिनियम फॉस्फाइड का उपयोग किया गया था। इस रसायन को लगाने के बाद गोदाम में रखे गेहूं को पैकिंग से ढक दिया गया था। लेकिन बंदरों ने तीन दिन के भीतर ही पैकिंग फाड़ दी, जिससे रसायन का असर हुआ और उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए एफसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि रसायन को गेहूं की बोरियों के बीच और ऊपर रखा जाता है। नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आने से इनमें गैस बनने लगती है, जो बंदरों के लिए घातक साबित हुई।
इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और एफसीआई स्टाफ की लापरवाही के कारण जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।