देवरिया । जिले के भलुअनी थाना इलाके में रहने वाले एक 15 वर्षीय छात्र ने ऑनलाइन गेम में दो से ढाई लाख रुपये हार जाने के बाद आत्महत्या कर ली। यह घटना ऑनलाइन गेम के खतरों को उजागर करती है और युवाओं को इसके प्रति सावधान करती है।
छात्र नितिन शर्मा पुत्र अंगद शर्मा ने शुक्रवार की शाम कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार, नितिन ऑनलाइन गेम में हार के बाद से अवसाद में था।
नितिन की मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि नितिन को कम उम्र में ही ऑनलाइन गेम का चस्का लग गया था। उसके पिता अंगद विदेश में रहते हैं और घटना की जानकारी होने पर वे गांव के लिए चल दिए हैं।
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों को सौंप दिया। सीओ बरहज आदित्य कुमार गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इंस्पेक्टर भलुअनी रामाज्ञा सिंह ने बताया कि परिजन अंत्यपरीक्षण कराना नहीं चाहते थे।
गांव में सन्नाटा है। लोग हतप्रभ हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नितिन काफी तेज दिमाग का था, लेकिन उसे मोबाइल पर गेम का चस्का लग गया था। यह घटना युवाओं को ऑनलाइन गेम के खतरों के प्रति सावधान करती है।
विशेषज्ञों की राय:
ऑनलाइन गेम की लत बच्चों और युवाओं में बढ़ती हुई समस्या है। यह आत्महत्या के मामलों में भी इजाफा कर रही है। माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें इसके खतरों के बारे में जागरूक करना चाहिए।
सरकारी कार्रवाई:
सरकार को ऑनलाइन गेम के खतरों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए। ऑनलाइन गेम के नियमन और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की आवश्यकता है।