रवि गुप्ता,चीफ एडिटर
मेजा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी होकर रह गई है। यहां तैनात डाक्टरों की मनमानी का आलम यह है कि वह जब चाहे आते है, जब चाहे शहर स्थित आवास पर आराम फरमाते है। यहां तैनात दंत चिकित्सक की तो बात ही निराली है। सप्ताह में एक दिन सोमवार को अस्पताल आकर नौकरी काट रहे है।
आपको बता दे कि उरुवा ब्लॉक के लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए रामनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना कराई गई है। लोगों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर यहां एक महिला डॉक्टर सहित पांच डॉक्टरों की तैनाती की गई है। लेकिन तीन डॉक्टर ऐसे हैं जो की नियमित अस्पताल आते ही नहीं। इसमें से एक डॉक्टर दंत चिकित्सक डा. यश वी प्रसाद ऐसे हैं जो सप्ताह में एक दिन सिर्फ सोमवार को आते हैं। सप्ताह में एक दिन जब वह अस्पताल आते भी हैं तो अपने पुरानी बिल्डिंग स्थित चेंबर में बैठने के बजाय इधर-उधर बैठ कर अपना समय व्यतीत करते हैं। बच्चों का तो कोई डॉक्टर ही नहीं है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में लगभग 3 महीने से दंत चिकित्सक की नियुक्ति हुई है। लेकिन दंत चिकित्सक के ना आने से मरीज निजी अस्पतालों में अधिक रुपए देकर इलाज कराने के लिए मजबूर है। इस संबंध में जब सीएचसी के अधीक्षक डा .ओम प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दंत चिकित्सक के अनुपस्थित रहने की जानकारी है। उनका कुछ विवाद चल रहा है। जल्द ही कागजी कार्रवाई कराई जाएगी।