प्रयागराज। मांडा ब्लॉक के दो शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें दिव्यांग छात्रों के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान के लिए दिया गया है।
सम्मानित किए गए शिक्षकों में कम्पोजिट विद्यालय आराजी उमापुर कला के प्रधानाध्यापक रमाकांत यादव और प्राथमिक विद्यालय टिकरी की प्रधानाध्यापक प्रतिभा चौधरी शामिल हैं। यह सम्मान उन्हें अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण दिवस के अवसर पर भारत स्काउट एंड गाइड कॉलेज प्रयागराज परिसर में सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान दिया गया है।
बीएसए प्रयागराज प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा, “दिव्यांग छात्रों के लिए काम करना एक बड़ा चुनौती है, लेकिन हमारे शिक्षकों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और उत्कृष्ट काम किया।”

बीईओ मांडा राजीव रंजन ने कहा,”यह सम्मान दोनों शिक्षकों की कर्तव्य निष्ठा का प्रतिफल है। हमें उम्मीद है कि हमारे अन्य शिक्षक इससे प्रेरणा लेंगें और वे दिव्यांग छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए और भी बेहतर काम करेंगे।”
कंपोजिट विद्यालय आराजी उमापुर कला के प्रधानाध्यापक रमाकांत यादव ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। मैं दिव्यांग छात्रों के लिए और अधिक काम करने का प्रयास करूंगा और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करूंगा।”
प्राथमिक विद्यालय टिकरी की प्रधानाध्यापक प्रतिभा चौधरी ने मानस न्यूज से कहा, “यह सम्मान मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। मैं दिव्यांग छात्रों के लिए और अधिक काम करने का प्रयास करूंगी और उनके शिक्षा में सुधार लाने का प्रयास करूंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी छात्रा खुशी कुमारी की उपलब्धियों पर बहुत गर्व करती हूं। वह एक दिव्यांग छात्रा है, लेकिन उसने अपनी मेहनत और समर्पण से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। मैं उसकी सफलता के लिए बधाई देती हूं।”
साथी शिक्षकों ने जाहिर की खुशी
प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई मांडा के अध्यक्ष मुचकुंद मिश्र ने कहा, “रमाकांत यादव और प्रतिभा चौधरी को मिला सम्मान हमारे शिक्षक समुदाय के लिए गर्व की बात है।”
मंत्री राजेश यादव ने कहा, “दोनों शिक्षकों ने दिव्यांग छात्रों के लिए अद्वितीय काम किया है, यह सम्मान उनकी मेहनत का परिणाम है।”
मनोज सिंह ने कहा, दोनों शिक्षकों की समर्पण और सेवा भाव की भावना को सलाम करता हूं।”
अभिनव सिंह ने कहा, “यह सम्मान दोनों शिक्षकों की क्षमता और समर्पण को दर्शाता है, हमें उन पर गर्व है।”
स्पेशल एजुकेटर विनोद मिश्र ने कहा, “दोनों शिक्षकों को मिला सम्मान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है, हमें उनकी कार्यशैली से सीखने को मिलता है।”