प्रयागराज। मांडा ब्लॉक क्षेत्र के महेवा कला गांव में 109 वर्षों से चली आ रही रामलीला का भव्य मंचन शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर कलाकारों ने रामायण के प्रमुख दृश्यों का मंचन किया, जिसमें विभीषण की शरणागति, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण के मूर्छा मोचन, मेघनाथ की वीरता और हनुमान की संजीवनी बूटी लाने की कहानी प्रमुख थी।
रामलीला में राम की भूमिका में सुंदरम पांडेय, लक्ष्मण की भूमिका में छोटू शर्मा, मेघनाथ की भूमिका में सोनू शर्मा, रावण की भूमिका में अश्वनी श्रीवास्तव, मंदोदरी की भूमिका में मनोज वर्मा, विभीषण की भूमिका में देवी प्रसाद और हनुमान की भूमिका में अनुज कुमार ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंचन के दौरान, रावण ने विभीषण को राज्य से निकाल दिया, जिसके बाद विभीषण ने भगवान राम की शरण ली। भगवान राम ने विभीषण को लंका का राज पाठ देने की घोषणा की। इसके बाद, अंगद को रावण के पास संधि प्रस्ताव के साथ भेजा गया, लेकिन रावण ने संधि ठुकरा दी और युद्ध की घोषणा कर दी।
युद्ध के दौरान, मेघनाथ ने लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया, लेकिन हनुमान ने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण का मूर्छा मोचन किया। इस दृश्य को देखकर पूरा पंडाल भगवान श्री राम के जयकारे से गूंज उठा।
महेवा कला की रामलीला अपनी ऐतिहासिक परंपरा और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह आयोजन हर साल हजारों दर्शकों को आकर्षित करता है और लोगों को रामायण की कहानी के माध्यम से जीवन के मूल्यों और नैतिकता का संदेश देता है।